गुरू भजन लिरिक्स हिंदी मे:
सत्संग मे गाने वाले सरल और मधुर गुरू के भजन के लिरिक्स नीचे प्रस्तुत किए गए हैं। गुरू जी की कुटिया को,
मैने फूलों से सजाया है।
गुरू मेरे गंगा है,
गुरू मेरे यमुना है।
गुरू मेरे सरयू,
जिन्हें जगत निलाया है।
गुरू जी की कुटिया को,
मैने फूलों से सजाया है।
गुरू मेरे चंदा हैं,
गुरू मेरे सूरज हैं।
गुरू मेरे तारें है,
किया जगत उजाला है।
गुरू जी की कुटिया को,
मैने फूलों से सजाया है।
गुरू मेरे ब्रह्म हैं,
गुरू मेरे विष्णु हैं।
गुरू मेरे शिव भोलें है,
जिन्हें जगत रचाया है।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें