यहाँ श्री कृष्ण भगवान के प्यारा से भजन के लिरिक्स प्रस्तुत किए गए है। इस भजन के लिरिक्स ढोलक पर गाने के लिए अत्यंत सरल है।
कान्हा कहाँ रहते हो -
कान्हा तुम मथुरा में रहते हो ,रहते हो
सूरज में तुम्हे देखा है
चंदा में तुम्हे पाया है
तारो की झिलमिल में रहते हो, रहते हो।
कान्हा तुम मथुरा में रहते हो ,रहते हो।।
गंगा में तुम्हे देखा है
यमुना में तुम्हे पाया है
सागर की लहरों में रहते हो, रहते हो।
कान्हा तुम मथुरा में रहते हो ,रहते हो।।
गोकुल में तुम्हे देखा है
मथुरा में तुम्हे पाया है
राधा की धड़कन में रहते हो,रहते हो।
कान्हा तुम मथुरा में रहते हो ,रहते हो।।

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