भोलाबाबा का भजन लिखित में:
यह भजन पंडित प्रदीप मिश्रा के द्वारा उनकी कथाओं में अकसर गाया जाने वाला भजन हैं। यहाँ पर इस भजन को लिखित रूप प्रस्तुत किया गया है।
भोला बोलो तो सही
नैना खोलो तो सही।
तेरे द्वारे गौरा मईया
कबसे खड़ी।।
वर नहीं दोगे तो भोला
चंदा मैं बन जाऊँगी।
चंदा मैं बन जाऊँगी
तेरे मस्तक पर सज जाऊँगी।।
भोला बोलो तो सही
नैना खोलो तो सही।
तेरे द्वारे गौरा मईया
कबसे खड़ी।।
वर नहीं दोगे तो भोला
गंगा मैं बन जाऊँगी।
गंगा मैं बन जाऊँगी
तेरे मस्तक पर सज जाऊँगी।।
भोला बोलो तो सही
नैना खोलो तो सही।
तेरे द्वारे गौरा मईया
कबसे खड़ी।।
वर नहीं दोगे तो भोला
नाग मैं बन जाऊँगी।
नाग मैं बन जाऊँगी
तेरे गले से लग जाऊँगी।।
भोला बोलो तो सही
नैना खोलो तो सही।
तेरे द्वारे गौरा मईया
कबसे खड़ी।।

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