शुक्रवार, 18 नवंबर 2022

माता लक्ष्मी की उत्पित्त एवं उनके स्वरूप का वर्णन: क्या माता क्यासीता,राधा रानी और रुक्मिणी जी,माँ लक्ष्मी के ही स्वरूप हैं? आइऐ जानें।

 माता लक्ष्मी की उत्पित्त एवं उनके स्वरूप का वर्णन: क्या माता सीता,राधा रानी और रुक्मिणी जी,माँ लक्ष्मी के ही स्वरूप हैं? आइऐ जानें।

माँ लक्ष्मी ,धन और सौभाग्य की देवी हैं तथा थोड़ी-सी ही प्रार्थना से प्रसन्न होकर भक्तों का कल्याण करने वाली हैं।

माता लक्ष्मी के पिता कौन थे तथा उनका जन्म कहाँ और कब हुआ?

लक्ष्मी जी को राजा भृगुमुनि की पुत्री माना गया है। कहा जाता है कि एक बार एक ऋषि के शाप के कारण सभी देवी-देवताओं को स्वर्ग का त्याग करना पड़ा था।तब लक्ष्मी जी ने क्षीर-सागर में जाकर शरण ली थी।इसके बाद अपने उत्कर्ष को दोबारा पाने के लिए देवताओं ने असुरों और त्रिदेवों(ब्रह्म, विष्णु,महेश) के सहयोग से 'समुद्र मंथन' किया जिसमें से चौदह अनमोल रत्न निकले,जिनमे से एक लक्ष्मी जी भी थीं।इस 'समुद्र मंथन' मे लक्ष्मीजी सुन्दर और पूर्ण युवती के रूप मे पुन: प्रकट हुईं।

 क्या सीता जी,राधा रानी और रुक्मिणी जी,माँ लक्ष्मी के ही स्वरूप हैं? आइऐ जानें।

जब भगवान विष्णु ने त्रेतायुग मे दशरथनंदन 'राम'के रूप में अवतार लिया तो लक्ष्मीजी जनकसुता 'सीता'के रूप में उनकी पत्नी बनीं।इसी प्रकार जब विष्णुजी ने ही द्वापर मे 'कृष्ण' के रूप में अवतार लिया तो लक्ष्मीजी ने दो स्वरूप धारण किये- एक स्वरूप में वह बरसाने के मुखिया वृषभानु की पुत्री के रूप मे जन्म लेकर कृष्ण की सखी 'राधा' बनीं है और दूसरे रूप मे 'रुक्मिणी' बनकर कृष्ण की अर्धांगिनी बनी हैं।
 

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