खाटू श्याम भजन- श्यामा प्रीत मैं तोसे लगा बैठा हूँ।हंसराज रघुवंशी
दूर से आया बाबा
धाम तेरे खाटू
दर्द न कहूँ मैं किसी से
बस तो से बाटू
मुझको सताये जो आके कभी दर्द
बस नाम है तेरा लेना
गम मेरे हर के तू ओ मेरे बाबा
बस खुशियाँ मुझको तू देना
तेरा ही नाम लेके मैं बाबा
रोज जाता रहता हूँ
श्यामा प्रीत मैं तोसे लगा बैठा हूँ
बाबा प्रीत मैं तोसे लगा बैठा हूँ-2
शीश जो मांगा हरि ने
एक बार में दे डाला
कलियुग मे रूप हरि का लेके
संसार को पाला -2
हारे का तुम ही केवल
हो एक सहारा
जिसका न कोई जगत में
श्याम हमारा
तेरी बदौलत हर कष्ट
रोज हस्ते हुए ही तो सहता हूँ
श्यामा प्रीत मैं तोसे लगा बैठा हूँ
बाबा प्रीत मैं तोसे लगा-2

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