शुक्रवार के दिन करे माता लक्ष्मी की स्तुति का पाठ होगी धन की वर्षा
महादेवी महालक्ष्मी नमस्ते त्वं विष्णु प्रिये ।
शक्तिदायी महालक्ष्मी नमस्ते दुख भंजनि ।।
श्रैया प्राप्ति निमित्ताय महालक्ष्मी नमाम्यहम् ।
पतितो ध्दारिणी देवी नमाम्यहं पुनः पुनः ।।
वेदांस्त्वा संस्तुवन्ति ही शास्त्राणि च मुर्हुमुः ।
वेदवास्त्वां प्रणमन्तिही लक्ष्मी देवी नमोस्तुते ।।
नमस्ते महालक्ष्मी नमस्ते भवभंजनि ।
भुक्तिमुक्ति न लभ्यते महादेवी त्वयि कृपा विना ।।
सुख सौभाग्य न प्राप्नोति यत्र लक्ष्मी न विधते ।
न तत्फलं समाप्नोति महालक्ष्मी नमाम्यहं ।।

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