महादेव का नया भजन। शंभू बस तू ही तू। Hanshraj raghuvanshi ।
शंभू -
शंभू की मस्ती में मन को डुबाया
शंभू की माया में दिल को लगाया
शंभू की छाया मे खुद को बसाया
शंभू को अपना हाथ थमाया
शंभू रग-रग मे तू ही तू
हर कण मे तू ही तू
जहाँ भी देखूँ हर दम हर पल
दिखता बस तू ही तू
शंभू मेरा तू ही तू
रग-रग मे तू ही तू
शंभू बस तू ही तू
मेरा शंभू शंकर तू ही तू
सबकी दुआ को सुनता शंभू
हर दर्द का मरहम शंभू
बिखरे को जोड़े शंभू
सुख-दुख का साथी शंभू
है सारे जहाँ में शंभू
मेरे भीतर भी शंभू
तेरे भीतर भी शंभू
कहीं भी जाऊँ,कहीं भी देखूँ
मिलता बस तू ही तू
शंभू मेरा तू ही तू
रग-रग मे तू ही तू
शंभू बस तू ही तू
मेरा शंभू शंकर तू ही तू
शंभू-

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें